पहले भी पाकिस्तान में ऎसा देखने को मिला है। लगता नहीं है कि पीसीबी फिक्सिंग की इस बुराई को दूर करने के लिए संजीदा है। यह बेहद निराशाजनक है।
यह नया चलन है। हमारे दौर में ऎसा नहीं होता था। आजकल क्रिकेटर लालची हो गए हैं। क्रिकेट में इतना पैसा होते हुए भी पैसे के पीछे भाग रहे हैं और यह उसी का नतीजा है। बिशन सिंह बेदी, पूर्व कप्तान