निवेश करने से मत डरो
...तो फायदा भी होगा
...होगी परेशानी
कर के आगे सब बेअसर!
 
...होगी परेशानी
डी टीसी सूची से टैक्स में कटौती के लिए मिलने वाले निवेश के विकल्पों को हटा दिया गया है। इनमें पोस्ट ऑफिस के निवेश, पीपीएफ, ईएलएसएस, पांच वर्षीय बैंक एफडीआर शामिल हैं।

कोड में लंबी अवधि की जीवन बीमा पॉलिसी की परिपक्वता पर कर मुक्त नहीं रखा गया है।

होम लोन ग्राहकों को वर्तमान में डेढ़ लाख रूपए तक ब्याज राशि और धारा 80सी में एक लाख रूपए मूलधन की वापसी पर छूट मिलती है। आयकर कानून में मकान की छूट के लिए निवेशक लोन लेकर घर बनवाते हैं। नए कोड में दोनों ही रियायतों का प्रावधान नहीं है।

डीटीसी में कंपनियों के लिए आयकर की दर 25 प्रतिशत रखने का प्रावधान है, जबकि व्यक्तिगत कर की दर 30 फीसदी है।

गैर लाभ संस्थाओं पर 15 फीसदी आयकर देना होगा।

इन कर प्रावधानों में कर परीक्षण की सीमा को नहीं बढ़ाया गया है। फिलहाल कर परीक्षण की सीमा चालीस लाख रूपए है।

टैक्स कोड के अनुसार पुन: कर निर्घारत की सीमा को 6 से बढ़ाकर 7 साल कर दिया गया है।

अपनी पत्नी को तोहफा देने और उससे हुई आय पर पति की कर देनदारियां बढ़ती रहेंगी।
रिटर्न भरने और अधिकारी के क्लेम नहीं मानने की स्थिति में जुर्माना राशि कर की 200 प्रतिशत लागू होगी।

जिन स्टॉक्स पर एसटीटी लागू होता है, उनमें 12 महीने बाद भी धन निकलवाने की स्थिति में कर देना होगा।

डीटीसी में रिटायरमेंट बेनिफिट अकाउंट में निवेश करने पर ही कर से मुक्ति मिलेगी और इससे धन निकालने की स्थिति मे कर का प्रावधान होगा।

इसमें व्यापार खर्च के लिए नकद भुगतान व नगद लोन के लेन-देन की सीमा बीस हजार रूपए ही रखी गई है।