डीटीसी मूल स्वरूप में लागू होता तो क्रांतिकारी परिवर्तन होता। इससे कर ढांचा सरल होने व करदाता बढ़ने की उम्मीद है। महिलाओं को छूट नहीं देने को कुछ लोग गलत मान सकते है पर सैद्धांतिक तौर पर ठीक है। इसकी खामियां बाद में पता लगेगी। स्लैब्स में परिवर्तन नौकरीपेशा के लिए अच्छा है। व्यक्तिगत करदाताओं को फायदा होगा। किशोर खेतान पूर्व प्रमुख, सीआईआई राजस्थान
कंपनियों को फायदा
डीटीसी में कॉरपोरेट टैक्स की दर 30 फीसदी करने का प्रस्ताव है। उन पर कोई सरचार्ज या सेस नहीं लगेगा।
इससे कॉर्पोरेट टैक्स की दर 33.3 प्रतिशत के बजाय 30 फीसदी हो जाएगी। साथ ही यदि आपकी कुल संपदा 50 करोड़ रूपए से ज्यादा है, तो वेल्थ टैक्स देना होगा। इसकी दर 0.25 फीसदी होगी। घाटे की भरपाई का भरपूर समय अगर किसी कंपनी को एक साल घाटा हुआ और अगले साल फायदा, तो फायदे में से घाटे की भरपाई के बाद ही उसे आयकर देना पड़ता है।
यह छूट कंपनी को आठ साल तक के लिए मिली हुई है। इसमें अब समय सीमा खत्म की जा सकती है। मैट 18 की जगह 20 प्रतिशत होगा।